जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विभागीय कार्यों की समीक्षा कर दिए समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश, जनहित एवं नवाचार आधारित पहलों पर विशेष जोर

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों एवं जनहित से जुड़े विषयों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में जिलाधिकारी ने निष्प्रयोज्य एवं अनुपयोगी शासकीय वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यालय परिसरों को डेंगू मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा कार्यालय परिसरों में स्थापित पानी की टंकियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन पर बल देते हुए सभी विभागों को कार्यालयी कार्यों में डिजिटल प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा में किया जाए तथा अनावश्यक लंबित मामलों में कमी लाई जाए।

ये भी पढ़ें:  मैक्स हेल्थकेयर फाउंडेशन ने अपने चौथे वर्ष में मैक्स मेडिकल स्कॉलरशिप का किया विस्तार, अब 250 मेधावी MBBS छात्रों की शिक्षा को मिलेगा वित्तीय सहयोग

सड़कों पर गड्ढों की समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (Construction and Demolition Waste) को सड़कों पर न रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे स्थलों की पहचान कर तत्काल मलबा हटाया जाए।

जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत ऐसे असुरक्षित स्थलों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां दुर्घटना की आशंका हो। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को अभिभावकों एवं विद्यालयों के लिए बच्चों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए।

ये भी पढ़ें:  अपर निजी सचिव परीक्षा-2024 का परिणाम जारी, कृष्णा स्टेनोग्राफर एवं टाइपिंग सेंटर के छात्रों ने लहराया परचम

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार आधारित पहलों पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नवविवाहित दंपतियों के लिए ऑनलाइन संकल्प व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन तथा चिकित्सालयों में प्रतीक्षा समय के लिए डिजिटल टोकन प्रणाली विकसित करने के सुझावों पर विचार किया गया।

शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों में मंदारिन (Mandarin) भाषा शिक्षण की संभावनाओं तथा विद्यार्थियों के लिए पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति एवं अन्य सामाजिक विषयों पर जागरूकता आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने पर चर्चा की गई।

ये भी पढ़ें:  अपर निजी सचिव परीक्षा-2024 का परिणाम जारी, कृष्णा स्टेनोग्राफर एवं टाइपिंग सेंटर के छात्रों ने लहराया परचम

बैठक में निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन हेतु आरएफआईडी (RFID) चिप आधारित पहचान प्रणाली विकसित करने पर भी चर्चा की गई। महिला सुरक्षा के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए अलग से टॉयलेट (शी-टॉयलेट) स्थापित करने एवं शहर मेंमहिला सुरक्षा के दृष्टिगत डार्क स्पॉट्स की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने संबंधी सुझावों पर भी कार्य करने के निर्देश दिये गए।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी विषयों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *