समग्र शिक्षा को केन्द्र से 883 करोड़ स्वीकृतः डॉ. धन सिंह रावत

  • समग्र शिक्षा को केन्द्र से 883 करोड़ स्वीकृतः डॉ. धन सिंह रावत
  • 307 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास तो 156 में बनेगी आईसीटी लैब
  • 244 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के प्रसार को भी मिला बजट
  • शिक्षा मंत्री डा. रावत ने जताया केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का आभार

केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये उत्तराखंड को समग्र शिक्षा, पीएम-श्री एवं उल्लास योजना के अंतर्गत 883 करोड़ के बजट की स्वीकृति दी है। बोर्ड द्वारा स्वीकृत धनराशि से प्रदेश के 307 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 156 विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा 102 विद्यालयों में विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं बनाई जायेगी। इसके अलावा 244 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का प्रसार किया जायेगा। केन्द्रीय प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड से बजट की स्वीकृति मिलने पर सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का आभार जताया।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, सुधारीकरण एवं कम्प्यूटरीकरण के दृष्टिगत भारत सरकार द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये समग्र शिक्षा परियोजना के तहत 883 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। डॉ. रावत ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा झरना कमठान व उनकी टीम द्वारा राज्य में समग्र शिक्षा के तहत नवाचारी कार्यों का प्रस्ताव मजबूती से रखा, जिस पर बोर्ड ने सहमति देते हुये 883 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। उन्होंने बताया कि अप्रूवल बोर्ड द्वारा स्वीकृत धनराशि से राज्य में डिजिटल व व्यावसायिक शिक्षा पर फोकस किया जायेगा। इसके तहत प्रदेश के 307 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 156 विद्यालयों में आईसीटी लैब तथा 102 विद्यालयों में विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं बनाई जायेगी। जिनमें 43 प्रयोगशाला भौतिक विज्ञान, 37 जीव विज्ञान, 12 रसायन विज्ञान व 10 अन्य विज्ञान प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इसके अलावा इस वित्तीय वर्ष में 553 आंगनवाडी केन्द्रों में आउटडोर प्ले मैटीरियल, बाला, चाईल्ड फ्रेण्डली फर्नीचर उपलब्ध कराये जायेंगे, साथ ही 244 विद्यायलयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे। डा. रावत ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कालसी एवं बनियावाला हाईस्कूल के इंटर स्तर पर उच्चीकरण, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास लालढ़ांग के नवीन भवन, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छात्रावास बनियावाला के चाहरदीवारी के निर्माण की स्वीकृति दी है। इसके अलावा प्रदेशभर के 87 विभिन्न विद्यालयों के भवन निर्माण, 200 अतिरिक्त कक्षा-कक्ष तथा 265 शौचालय के निर्माण हेतु भी धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। डॉ. रावत ने बताया कि पीएबी बैठक में पहली बार राज्य की ओर से संस्कृत शिक्षा के अंतर्गत संचालित राजकीय एवं राजकीय सहायकता प्राप्त विद्यालयों को केन्द्रीय सहायता का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर अप्रूवल बोर्ड ने विस्तृत विचार-विमर्श कर 6 करोड़ के प्रस्ताव पर अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदान की, जोकि राज्य के लिये बड़ी उपलब्धि है। विभागीय मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, शैक्षिक संकेतकों सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) व शुद्ध नामांकन अनुपात (एनईआर) में वृद्धि तथा छात्र-छात्राओं के ड्रापआउट दर में कमी पर राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

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प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में केन्द्रीय शिक्षा सचिव संजय कुमार, केन्द्रीय अपर सचिव शिक्षा अनिल कुमार सिंघल, केन्द्रीय संयुक्त सचिव शिक्षा डॉ0 अमनप्रीत दुग्गल, राज्य के शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा झरना कमठान, अपर परियोजना निदेशक कुलदीप गैरोला तथा उप राज्य परियोजना निदेशक पल्लवी नैन, अजीत भण्डारी, एमएम जोशी, प्रद्युमन सिंह रावत, के.एन. बिजल्वाण, रंजन भट्ट, अनिल ध्यानी, अजय शर्मा, अनित कोठियाल, अरविन्द भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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