आढ़त बाजार/तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना कार्य प्रगति का डीएम डॉ. आशीष चौहान ने किया स्थलीय निरीक्षण; मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप परियोजना से जाम में आएगी कमी और शहर की यातायात व्यवस्था होगी अधिक सुगम एवं सुरक्षित

  • मुआवजा वितरण एवं दस्तावेजों के परीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान द्वारा ने आज तहसील चौक चौड़ीकरण परियोजना की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने योजना की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को मुआवजा वितरण एवं पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप देहरादून शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में आढ़त बाजार/ तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना के तहत प्रभावित संपत्ति धारकों को पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से मुआवजा वितरण किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:  शुद्धिकरण प्रकरण में हाईकोर्ट से कांग्रेस को झटका, आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं दे पा रही कांग्रेस, याचिका निस्तारित, पुलिस जांच में दखल से इनकार

विदित हो कि परियोजना से प्रभावित संपत्ति धारकों को मुआवजा वितरण की कार्यवाही गतिमान है तथा मुआवजा प्राप्त करने के बाद कई संपत्ति धारकों द्वारा अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी गई है। इससे परियोजना के कार्यों को गति मिल रही है। ज्ञातब्य है कि परियोजना के अंतर्गत कुल 410 संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं, जिनमें से शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। दस्तावेज सही पाए जाने पर पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है।

ये भी पढ़ें:  जनसुरक्षा व जन सुविधा से समझौता नही; गतिमान कार्य युद्धस्तर पर करें पूर्ण: डीएम

आढ़त बाजार/तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना देहरादून के यातायात तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सड़क चौड़ीकरण से जाम की समस्या में कमी आएगी और आमजन को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

परियोजना में प्रभावितों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुआवजा वितरण एवं पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने से प्रभावित संपत्ति धारकों का प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। कई प्रभावितों ने स्वेच्छा से अपनी संपत्तियां खाली करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।

ये भी पढ़ें:  धामी सरकार का युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर फोकस, नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनेंगे उत्तराखंड के युवा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *