नकली दवाओं के खिलाफ विभाग की बड़ी कार्रवाई, ईस्ट होप टाउन क्षेत्र से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं एवं उनके निर्माण व पैकिंग में प्रयुक्त उपकरण किए गए बरामद

  • नकली दवा माफिया के खिलाफ राज्यों की संयुक्त रणनीति से मिली सफलता, अंतर्राज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेशभर में नकली एवं अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के आदेशों तथा अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के निर्देशन में की गई एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में देहरादून के ईस्ट होप टाउन क्षेत्र से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं एवं उनके निर्माण व पैकिंग में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।

देहरादून में संयुक्त छापेमारी
विभाग को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 22 जुलाई 2026 को ग्राम देवीपुर, ईस्ट होप टाउन, परवल स्थित एक मकान में छापेमारी की गई। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग और स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई। जांच के दौरान परिसर से प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम से तैयार की गई स्प्यूरियस (नकली) औषधियां, पैकिंग सामग्री तथा निर्माण में प्रयुक्त मशीनें बरामद हुईं। मकान स्वामी के अनुसार उक्त परिसर के कुछ कमरे किराये पर दिए गए थे। मामले की जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

ये भी पढ़ें:  पुलिस में 1,600 पदों पर जल्द भर्ती; थानों का बजट होगा दोगुना

प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर तैयार की जा रही थीं दवाएं
छापेमारी के दौरान ईंटास, मैकलियोड्स और डॉ. रेड्डीज़ जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से तैयार की गई दवाओं का जखीरा बरामद हुआ। बरामद औषधियों में Tab. Gabapin-100, Tab. Zoryl M2 और Tab. Cefolac-200 सहित कई दवाएं शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार की नकली दवाएं मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं, इसलिए इनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

अंतर्राज्यीय स्तर पर जांच जारी
प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे इस मामले के तार अन्य राज्यों से जुड़े होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसी कारण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। मामले में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मनेंद्र सिंह राणा एवं औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी द्वारा विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।

ये भी पढ़ें:  प्रशिक्षक अनुज गौड़ के मार्गदर्शन और योग संगठनों की पहल से खेल एवं योग को मिल रहा बढ़ावा; उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन

नकली दवा माफिया के खिलाफ राज्यों की संयुक्त रणनीति
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश दमन एवं दीव में हाल ही में आयोजित देशभर के ड्रग कंट्रोलरों की अखिल भारतीय बैठक में नकली दवाओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सूचनाओं के नियमित आदान-प्रदान पर सहमति बनी। इसके तहत संदिग्ध गतिविधियों, नकली दवाओं के नेटवर्क और आरोपियों से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी, ताकि विभिन्न राज्यों में सक्रिय गिरोहों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी और अंतर्राज्यीय सहयोग और समन्वित प्रयासों से ही देशभर में सक्रिय नकली दवा माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता – विनय शंकर पांडेय
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना है। नकली दवाओं का कारोबार जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि विभाग को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान लगातार जारी रहेंगे।

ये भी पढ़ें:  प्रशिक्षक अनुज गौड़ के मार्गदर्शन और योग संगठनों की पहल से खेल एवं योग को मिल रहा बढ़ावा; उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन

संयुक्त प्रयासों से मिली महत्वपूर्ण सफलता – ताजबर सिंह जग्गी
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग द्वारा प्राप्त सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखते हुए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश औषधि नियंत्रण विभाग एवं स्थानीय पुलिस का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल नकली दवाओं की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे अवैध कारोबार में शामिल पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना है। जनहित एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विभाग आगे भी इसी प्रकार सतर्कता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *