राष्ट्रीय खेल की मशाल रैली भारत की सीमाओं तक पहुँची: एक ऐतिहासिक उपलब्धि

देहरादून: 38वें राष्ट्रीय खेल को जन-जन तक पहुँचाने और खेल भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में राष्ट्रीय खेल की मशाल “तेजस्विनी,” मैस्कॉट “मौली,” लोगो, जर्सी और टैगलाइन शामिल हैं।

यह रैली न केवल राज्य के विभिन्न हिस्सों में गई, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँचकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मशाल “तेजस्विनी” और मैस्कॉट “मौली”, नेपाल सीमा पर स्थित धारचूला और चीन सीमा पर स्थित गूंजी पहुंचे। इन दुर्गम स्थानों तक मशाल का पहुँचना न केवल राष्ट्रीय खेल के प्रति उत्साह को दर्शाता है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक क्षण भी है।

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यह आयोजन पिथौरागढ़ के जिला क्रीड़ाअधिकारी अनूप बिष्ट के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। जिला युवा कल्याण अधिकारी (DOPRD) और जिला सूचना अधिकारी (DIO) पिथौरागढ़ ने भी इस आयोजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

38वें राष्ट्रीय खेल की मशाल रैली ने सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुँचकर खेल भावना को नई ऊँचाई दी है। यह राष्ट्रीय खेल के प्रति देशभर में जुनून और गर्व का प्रतीक है।

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