श्री बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि तय करने हेतु तैयारी

  • श्री बदरीनाथ धाम कपाट खुलने की तिथि तय करने हेतु तैयारी
  • योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना पश्चात गाडूघड़ा तेल कलश डिम्मर प्रस्थान
  • कल शनिवार को तेलकलश गाडूघड़ा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से ऋषिकेश प्रस्थान करेग
  • 2 फरवरी रविवार बसंत पंचमी को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होगी।

जोशीमठ/ पांडुकेश्वर/ गोपेश्वर: विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम की तैयारियां चल रही है परंपरा के अनुसार आज पूजा- अर्चना पश्चात श्री योग बदरी पांडुकेश्वर से गाडू घड़ा तेलकलश श्री नृसिंह मंदिर होते हुए श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर हेतु प्रस्थान हुआ इस अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम के रावल अमरनाथ नंबूदरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

बीते कल बृहस्पतिवार 30 को श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधि मंदिर समिति के श्री नृसिंह मंदिर कार्यालय पहुंचे थे जहां मंदिर समिति ने तेलकलश श्री डिमरी पंचायत को सौंपा था उसके बाद पंचायत प्रतिनिधि गाडूघड़ा तेल कलश लेकर योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचे थे।

ये भी पढ़ें:  विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी सरगर्मियां तेज, यमकेश्वर में “स्थानीय चेहरे” की मांग हुई मुखर, चर्चाओं के केंद्र में कस्याली गाँव के वरिष्ठ पत्रकार विश्वजीत सिंह नेगी का नाम

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नरेंद्र नगर राजदरबार में बसंत पंचमी रविवार 2 फरवरी को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होगी इसी दिन तेलकलश गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा की भी तिथि निश्चित हो जायेगी इसके लिए श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी )द्वारा तैयारियां चल रही है।
बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल सहित रावल, धर्माधिकारी वेदपाठी रविंद्र सहित अधिकारी कर्मचारी कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम हेतु नरेंद्र नगर राजदरबार पहुंचेंगे।

बताया कि कार्यक्रम के अनुसार बाद 1 फरवरी शनिवार शाम को तेल कलश गाडू घड़ा, मंदिर समिति के ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा यात्री विश्राम गृह में रात्रि विश्राम हेतु पहुंचेगा।
श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत पंचायत द्वारा रविवार 2 फरवरी को ऋषिकेश से प्रस्थान कर समारोह पूर्वक गाडूघड़ा तेल कलश राजमहल नरेंद्र नगर के सिपुर्द किया जायेगा ।
उल्लेखनीय है कि तय तिथि के अनुसार राजमहल से तिलों के तेल का गाडू घड़ा तेलकलश कपाट खुलने के अवसर पर अभिषेक हेतु श्री बदरीनाथ धाम पहुंचता है।

ये भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री धामी बोले – देश-दुनिया में बसे उत्तराखंडवासी राज्य के सबसे बड़े सांस्कृतिक दूत और ब्रांड एंबेसडर

आज योगबदरी पांडुकेश्वर गाडूघड़ा तेल कलश की पूजा-अर्चना के अवसर पर रावल अमरनाथ नंबूदरी, प्रबंधक नवीन भंडारी, कुबेर देवरा समिति अध्यक्ष जशवीर मेहता, सचिव अनूप भंडारी सहित महिला मंगल दल पांडुकेश्वर, नारायण नंबूदरी राजेश नंबूदरी, मंजेश भुजवाण, दर्शन आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर कुबेर देवरा समिति ने रावल का स्वागत किया।
इससे पहले रावल अमरनाथ नंबूदरी ने आज प्रात: भगवान नृसिंह मंदिर में दर्शन किये तथा अभिषेक में शामिल हुए बाद में योग बदरी पांडुकेश्वर तथा कुबेर मंदिर में भी दर्शन किये।

ये भी पढ़ें:  उत्तराखंड में बनेंगे आठ नए सहकारी संघ, अब विधानसभा स्तर पर भी लगेंगे सहकारी मेले

योग बदरी पांडुकेश्वर में तेलकलश की पूजा-अर्चना के बाद गाडू घड़ा श्री नृसिह मंदिर जोशीमठ पहुंचा जहां पूजा-अर्चना प्रसाद भोग चढ़ाया गया तथा मंदिर समिति द्वारा भंडारा आयोजित किया गया।

इस अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट,अवर अभियंता गिरीश रावत,प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, राजेंद्र सेमवाल, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपवाण, लेखाकार भूपेंद्र रावत प्रबंधक भूपेंद्र राणा डिमरी पंचायत प्रतिनिधि क्रमश शैलेन्द्र डिमरी, हरीश चंद्र डिमरी,नरेश डिमरी, अरविंद डिमरी सहित पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी, संदेश मेहता सुशील डिमरी, रामप्रसाद थपलियाल, अजीत भंडारी दिनेश भट्ट, प्रदीप बिष्ट,आशीष नंबूदरी आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *